कहा- जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और जमीनी स्तर से जुड़ाव राज्य को नई दिशा देगा
नई दिल्ली: ASSC के अध्यक्ष डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल नेतृत्व की सराहना की।
बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में डी.के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर को कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. मल्लप्पा ने कहा कि उनका डी.के. शिवकुमार के साथ कई वर्षों पुराना जुड़ाव है और उन्होंने उनके राजनीतिक तथा सार्वजनिक जीवन को करीब से देखा है। उनके अनुसार, शिवकुमार की संगठन क्षमता, नेतृत्व कौशल और आम लोगों से सीधा संवाद उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली जननेताओं में से एक बनाता है।
“श्री डी.के. शिवकुमार केवल कर्नाटक के एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता ही नहीं हैं, बल्कि मेरे लिए बड़े भाई के समान हैं। मैंने वर्षों तक उनके जनसेवा के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और आम लोगों से उनके गहरे जुड़ाव को देखा है। मुख्यमंत्री पद तक उनकी यात्रा लंबे संघर्ष, निरंतर मेहनत और जनता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं और उनके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं,” डॉ. मल्लप्पा ने कहा।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर और नवगठित मंत्रिपरिषद को भी शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य के समग्र विकास को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, किसान कल्याण, युवा सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने जैसे क्षेत्रों में सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
“कर्नाटक अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुझे विश्वास है कि श्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में राज्य समावेशी विकास, सामाजिक कल्याण, किसान सशक्तिकरण, युवाओं के लिए अवसरों तथा बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। मैं उन्हें और उनकी पूरी टीम को जनसेवा के इस नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देता हूं,” उन्होंने कहा।
डॉ. मल्लप्पा ने कहा कि नई सरकार में अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित समावेश दिखाई देता है, जो आने वाले वर्षों में प्रभावी प्रशासन, जनहितकारी नीतियों और राज्य के समावेशी विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
