5 Years of Shershaah: क्यों आज भी याद है कैप्टन विक्रम बत्रा?
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें देखने के बाद सिर्फ कहानी याद नहीं रहती, बल्कि उनके किरदार और भावनाएं भी लंबे समय तक दिल में रहती हैं।
‘Shershaah’ ऐसी ही फिल्मों में से एक है। Sidharth Malhotra और Kiara Advani स्टारर यह फिल्म आज अपनी रिलीज के 5 साल पूरे कर रही है। 12 अगस्त 2021 को रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों को कारगिल युद्ध के वीर जवान कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी से रूबरू कराया था।
फिल्म में जहां एक तरफ देश के लिए जान कुर्बान करने वाले सैनिक की बहादुरी दिखाई गई, वहीं दूसरी तरफ उनके निजी जीवन, परिवार और डिंपल चीमा के साथ उनके रिश्ते को भी संवेदनशील तरीके से पेश किया गया।
यही संतुलन ‘Shershaah’ को सिर्फ एक वॉर फिल्म बनने से रोकता है। यह फिल्म देशभक्ति के साथ प्यार, दोस्ती, परिवार और बलिदान की कहानी भी बन जाती है।
कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी बनी फिल्म का आधार
‘Shershaah’ की कहानी भारतीय सेना के बहादुर अधिकारी कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान विक्रम बत्रा ने जिस साहस और नेतृत्व का प्रदर्शन किया, वह आज भी भारतीय सेना के इतिहास में याद किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से आने वाले विक्रम बत्रा बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते थे। बाद में वह भारतीय सेना में शामिल हुए और कारगिल युद्ध के दौरान कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा बने।
फिल्म में उनके सैन्य जीवन के साथ-साथ उनके परिवार और निजी जिंदगी को भी जगह दी गई है। उनके जुड़वां भाई विशाल बत्रा के किरदार को भी कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है।
‘ये दिल मांगे मोर’ बना यादगार नारा
कैप्टन विक्रम बत्रा का नाम आते ही उनके चर्चित शब्द ‘ये दिल मांगे मोर’ याद आते हैं। फिल्म ने इस नारे को भी बड़े प्रभावी तरीके से दिखाया।
कारगिल युद्ध के दौरान उनकी बहादुरी और आत्मविश्वास ने उन्हें सैनिकों के बीच अलग पहचान दिलाई थी। फिल्म में उनके इसी जज्बे को दिखाने की कोशिश की गई है। युद्ध के मुश्किल हालात के बावजूद उनका अपने साथियों के प्रति भरोसा और मिशन को पूरा करने का जुनून कहानी को भावनात्मक बनाता है।
‘Shershaah’ का सबसे मजबूत हिस्सा यही है कि फिल्म युद्ध को सिर्फ गोलियों और लड़ाई के दृश्यों तक सीमित नहीं रखती। इसके पीछे मौजूद सैनिकों की भावनाओं और उनके परिवारों की चिंता को भी कहानी में जगह दी गई है।
Sidharth के करियर की खास फिल्म
कैप्टन विक्रम बत्रा के किरदार में सिद्धार्थ मल्होत्रा को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। फिल्म के लिए उनके लुक, बॉडी लैंग्वेज और बोलने के अंदाज में काफी बदलाव देखने को मिला।
सिद्धार्थ ने फिल्म में विक्रम बत्रा के साथ उनके जुड़वां भाई विशाल बत्रा का भी किरदार निभाया। दोनों भूमिकाओं में अंतर दिखाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन फिल्म में यह अंतर साफ नजर आया।
कई दर्शकों के लिए ‘शेरशाह’ सिद्धार्थ मल्होत्रा के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म के बाद उनके अभिनय को लेकर भी काफी सकारात्मक चर्चा हुई।
Kiara Adavani बनीं डिंपल चीमा
फिल्म में कियारा ने डिंपल चीमा का किरदार निभाया था। डिंपल और विक्रम की प्रेम कहानी फिल्म का एक अहम हिस्सा रही।
युद्ध और एक्शन के बीच दोनों के रिश्ते के छोटे-छोटे पल फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं। डिंपल का किरदार सिर्फ एक प्रेमिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कहानी में वह विक्रम के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा दिखाई देती हैं।
कियारा ने इस भूमिका को काफी सहज तरीके से निभाया। खासकर फिल्म के भावुक दृश्यों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।
कारगिल की लड़ाई को पर्दे पर दिखाने की कोशिश
‘Shershaah’ में कारगिल युद्ध के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को सिनेमाई रूप में दिखाया गया थे। ऊंचे पहाड़, कठिन मौसम और दुश्मन के खिलाफ लड़ाई को फिल्म के युद्ध दृश्यों में जगह दी गई।
फिल्म की टीम ने कोशिश की कि दर्शकों को यह महसूस हो सके कि युद्ध के मैदान में सैनिक किन मुश्किल परिस्थितियों से गुजरते हैं। एक्शन दृश्यों के साथ सैनिकों की रणनीति और आपसी तालमेल को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया।
इसी वजह से फिल्म का युद्ध वाला हिस्सा सिर्फ मनोरंजन नहीं करता, बल्कि कहानी को आगे भी बढ़ाता है।
कोरोना काल में हुई थी फिल्म की रिलीज
‘Shershaah’ की रिलीज भी अपने आप में खास रही। साल 2021 में कोरोना महामारी के कारण देश के कई हिस्सों में सिनेमाघर सामान्य रूप से नहीं चल रहे थे। ऐसे समय में फिल्म को Amazon Prime Video पर रिलीज किया गया।
थिएटर रिलीज न होने के बावजूद फिल्म दर्शकों तक बड़े स्तर पर पहुंची। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म और इसके किरदारों को लेकर खूब चर्चा हुई।
दर्शकों ने फिल्म के युद्ध दृश्यों के साथ इसकी भावनात्मक कहानी को भी पसंद किया। खासकर युवाओं के बीच कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला।
फिल्म के गानों ने भी बनाई पहचान
‘Shershaah’ की लोकप्रियता में इसके संगीत का भी बड़ा योगदान रहा। फिल्म के गाने रिलीज के बाद लंबे समय तक लोगों की प्लेलिस्ट में बने रहे।
‘रांता लंबियां’, ‘मन भर्रया’ और अन्य गानों ने फिल्म की प्रेम कहानी को और भावनात्मक बनाया। खासकर ‘रांता लंबियां’ सिद्धार्थ और कियारा की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री के साथ दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।
फिल्म के गानों में सिर्फ रोमांस नहीं था, बल्कि जुदाई और भावनाओं को भी जगह दी गई थी। यही वजह है कि रिलीज के पांच साल बाद भी इसके गाने सुनने को मिलते हैं।
फिल्म के बाद बदली Sidharth-Kiara की कहानी
‘Shershaah’ की शूटिंग के दौरान सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी की दोस्ती को लेकर भी चर्चा शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते की खबरें सामने आने लगीं और बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया।
सिद्धार्थ और कियारा ने फरवरी 2023 में शादी की। इस तरह ‘Shershaah’ दोनों के प्रोफेशनल करियर के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी से भी जुड़ी एक खास फिल्म बन गई।
हालांकि फिल्म की कहानी कैप्टन विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा की थी, लेकिन दर्शकों के लिए सिद्धार्थ और कियारा की जोड़ी की अपनी एक अलग पहचान बन गई।
फिल्म को क्यों पसंद किया गया?
‘Shershaah’ की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि फिल्म ने देशभक्ति को सिर्फ बड़े-बड़े संवादों तक सीमित नहीं रखा। कहानी में एक सैनिक के सपने, परिवार, दोस्ती और प्यार को भी दिखाया गया।
कैप्टन विक्रम बत्रा की बहादुरी को दिखाते हुए फिल्म ने यह भी बताया कि एक सैनिक के पीछे उसका परिवार और उसके अपने लोग भी खड़े होते हैं।
यही वजह है कि फिल्म के कई दृश्य दर्शकों को भावुक कर देते हैं। युद्ध के मैदान में विक्रम की बहादुरी जितनी प्रभावशाली लगती है, वहीं उनके निजी जीवन के दृश्य कहानी को एक अलग मानवीय पहलू देते हैं।
पांच साल बाद भी याद किए जाते हैं विक्रम बत्रा
‘Shershaah’ को रिलीज हुए पांच साल हो चुके हैं, लेकिन कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी की लोकप्रियता कम नहीं हुई। फिल्म ने एक नई पीढ़ी को भी उनके जीवन और बलिदान के बारे में जानने का मौका दिया।
सिनेमा की अपनी सीमाएं होती हैं और फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित होने के बावजूद एक सिनेमाई प्रस्तुति है। फिर भी ‘शेरशाह’ ने विक्रम बत्रा की कहानी को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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‘Shershaah’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक याद है
पांच साल पूरे होने के बाद इस को याद करना सिर्फ एक फिल्म की सालगिरह मनाना नहीं है। यह उस सैनिक को याद करने का भी मौका है, जिसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
सिद्धार्थ मल्होत्रा की दमदार परफॉर्मेंस, कियारा आडवाणी की भावनात्मक भूमिका, मजबूत कहानी, शानदार संगीत और युद्ध के दृश्यों ने फिल्म को खास बनाया।
आज जब ‘Shershaah’ को रिलीज हुए पांच साल पूरे हो रहे हैं, तो एक बार फिर कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी लोगों के बीच चर्चा में है। फिल्म ने पर्दे पर उनकी जिंदगी का एक हिस्सा दिखाया, लेकिन उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानी इससे कहीं बड़ी है।
पांच साल बाद भी ‘Shershaah’ यही याद दिलाती है कि कुछ कहानियां सिर्फ देखी नहीं जातीं, उन्हें महसूस किया जाता है। कैप्टन विक्रम बत्रा की वीरता और उनका ‘ये दिल मांगे मोर’ आज भी लाखों भारतीयों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है।
