आईआईएम रोहतक में जोश और जागरूकता के साथ मनाया गया 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रोहतक के प्रांगण में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय पर केंद्रित लाइव वर्चुअल संदेश से हुई। उन्होंने 2 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी का जिक्र करते हुए योग को वैश्विक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और सभी से इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
निदेशक प्रो. धीरज शर्मा का मार्गदर्शन
IIM रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने अपने संबोधन में तेज़ जीवनशैली में संतुलन बनाए रखने के लिए योग की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा योग दिवस को मान्यता मिलना हमारी सांस्कृतिक विरासत की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति का प्रतीक है। शर्मा ने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक एकाग्रता और सामाजिक एकता बढ़ाने वाला माध्यम भी बताया।
सामूहिक योगाभ्यास से बढ़ी ऊर्जा
प्रधानमंत्री के संदेश के पश्चात छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने पारंपरिक आसन, प्राणायाम और ध्यान सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह सामूहिक अभ्यास अनुशासन, एकाग्रता और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ सहभागिता की।

धन्यवाद ज्ञापन एवं जलपान
कार्यक्रम के अंत में प्रो. धीरज शर्मा ने आयोजन समिति, सभी प्रतिभागियों और सहायक कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए योग को निरंतर अपनाने की प्रेरणा दी। इसके बाद सभी के लिए पौष्टिक जलपान की व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन का समापन स्नेहपूर्ण वातावरण में हुआ।
संस्थान का परिचय
भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक, जो राष्ट्रीय महत्व का प्रमुख संस्थान है, वर्तमान में 1600 से अधिक छात्रों को विविध पाठ्यक्रमों में शिक्षित कर रहा है। संस्थान को AMBA की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है और यह विश्व के शीर्ष 2% प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2024 में 151+ रैंक तथा NIRF 2024 की प्रबंधन श्रेणी में 12वां स्थान हासिल कर चुका IIM रोहतक देश के 30 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आए छात्रों का मिलाजुला संगम प्रस्तुत करता है। यहाँ आठ विशिष्ट कार्यक्रमों के माध्यम से बहु-विषयक दृष्टिकोण से भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं का विकास किया जाता है।
