हरमनप्रीत कौर की तूफानी 56 रन की पारी हुई बेकार, ऑस्ट्रेलिया ने भारत को T20 वर्ल्ड कप 2026 से किया बाहर
लॉर्ड्स में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर टीम इंडिया को महिला T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की 27 गेंदों पर 56 रन की पारी भी हार नहीं टाल सकी।
नई दिल्ली: आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए बेहद अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस हार के साथ भारत का विश्व कप जीतने का सपना भी टूट गया।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मुश्किल समय में शानदार कप्तानी पारी खेलते हुए केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए, लेकिन उनका यह दमदार प्रदर्शन टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का लक्ष्य 19 ओवर में ही चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 170 रन बनाए। शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में रन गति धीमी पड़ गई, जिससे बड़ा स्कोर बनाने का मौका हाथ से निकल गया।
हरमनप्रीत कौर की विस्फोटक कप्तानी पारी
जब भारतीय बल्लेबाजी थोड़ी धीमी पड़ती दिखाई दी, तब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आक्रामक अंदाज अपनाया।
उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें:
- 6 चौके
- 3 शानदार छक्के
- लगभग 207.41 का स्ट्राइक रेट
हरमनप्रीत ने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पारी के अंतिम ओवर में उन्होंने लगातार तीन छक्के लगाकर भारत के स्कोर को 170 तक पहुंचाया। उनकी यह पारी एक कप्तान की जिम्मेदारी और बड़े मैचों में खेलने की क्षमता का बेहतरीन उदाहरण रही।
शीर्ष क्रम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सका
भारत की ओर से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने उपयोगी पारियां खेलीं। तीनों बल्लेबाजों ने 30 से अधिक रन बनाए, लेकिन कोई भी अपने अच्छे शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकी।
यही कारण रहा कि भारत बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाया और अंतिम स्कोर थोड़ा कम नजर आया।
ऑस्ट्रेलिया ने दिखाया चैंपियन जैसा खेल
171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की। अनुभवी खिलाड़ियों ने दबाव को बिल्कुल महसूस नहीं होने दिया।
- एलिस पेरी और एशले गार्डनर बने जीत के हीरो
- एलिस पेरी ने शानदार अर्धशतक लगाकर पारी को संभाला और अंत तक टीम को जीत की ओर ले गईं। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
- एशले गार्डनर ने भी तेज अर्धशतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने भारत की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म कर दी।
भारतीय गेंदबाजी रही बेअसर
भारत के गेंदबाज शुरुआती विकेट निकालने में सफल नहीं हो सके। डेथ ओवरों में भी रन रोकने में टीम को कठिनाई हुई।
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया और लक्ष्य को एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया।
- मैच का स्कोरकार्ड
- टीम स्कोर ओवर रन रेट
- भारत 170/4 20 ओवर 8.50
- ऑस्ट्रेलिया 172/4 19 ओवर 9.05
भारत की प्रमुख बल्लेबाज: हरमनप्रीत कौर – 56 (27)
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख बल्लेबाज: एलिस पेरी (अर्धशतक), एशले गार्डनर (अर्धशतक)
हरमनप्रीत कौर ने हार के बाद क्या कहा?
मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम ने सम्मानजनक स्कोर बनाया था, लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं खेल पाया।
उन्होंने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया। कप्तान ने यह भी माना कि टीम को भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करना होगा।
टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन
भारत ने ग्रुप चरण में पांच मुकाबले खेले, जिनमें:
3 मैच जीते
2 मैच हारे
अंक तालिका में भारत तीसरे स्थान पर रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया अपराजित रहते हुए शीर्ष पर और दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर रही। इसी कारण भारत सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका।
हार की बड़ी वजहें
- अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर नहीं बना पाना।
- मध्य ओवरों में रन गति का धीमा होना।
- डेथ ओवरों में गेंदबाजों का महंगे साबित होना।
- बड़े मुकाबलों में टीम का सामूहिक प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहना।
- ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी खिलाड़ियों द्वारा दबाव में बेहतरीन बल्लेबाजी।
- हरमनप्रीत ने बनाया एक और बड़ा रिकॉर्ड
हालांकि टीम को हार मिली, लेकिन हरमनप्रीत कौर ने इस मुकाबले के दौरान महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4000 से अधिक रन पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की। यह उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
आगे क्या?
इस हार के बाद भारतीय टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया है। अब टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के सामने मध्यक्रम की मजबूती, डेथ ओवर गेंदबाजी और बड़े मैचों में बेहतर रणनीति तैयार करने जैसी चुनौतियां होंगी।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आईसीसी टूर्नामेंटों की सबसे मजबूत टीमों में से एक है और खिताब की प्रबल दावेदार बनी हुई है।
हरमनप्रीत कौर की विस्फोटक पारी ने भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद जरूर दी, लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है और केवल एक खिलाड़ी के दम पर बड़े मुकाबले नहीं जीते जा सकते। भारत को इस विश्व कप से कई महत्वपूर्ण सबक मिले हैं। यदि टीम इन कमजोरियों पर काम करती है, तो आने वाले आईसीसी टूर्नामेंटों में वह अधिक मजबूती के साथ वापसी कर सकती है।
