आनंदोत्सव ’26 में जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने नशामुक्त भारत और यमुना संरक्षण पर दिया जोर
आनंदोत्सव ’26 में दिल्ली के 79 स्कूलों के 2,500 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने नशामुक्त भारत और यमुना संरक्षण के लिए युवाओं को प्रेरित किया
नई दिल्ली: दिल्ली के 79 स्कूलों के करीब 2,500 विद्यार्थी 40वें वार्षिक आनंदोत्सव ’26 में हिस्सा ले रहे हैं। आर्य समाज वसंत विहार में आयोजित तीन दिवसीय अंतरविद्यालय महोत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने, मानवीय मूल्यों को अपनाने और यमुना नदी के संरक्षण में योगदान देने का संदेश दिया गया।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने युवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का उपयोग रचनात्मक गतिविधियों में करने की सलाह दी। उनके अनुसार, युवाओं की भागीदारी समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आनंदोत्सव का पहला दिन 14 अक्टूबर को ‘नो नशा नेशन’ अभियान को समर्पित था। योगी सूरी के नेतृत्व में चल रही इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। दूसरे दिन ‘YaRI’ यानी यमुना एक्शन रिवर इनिशिएटिव के जरिए नदी प्रदूषण और संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता दी गई।

मॉडर्न स्कूल, वसंत विहार की प्रधानाचार्य विभा खोसला ने पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों के नुक्कड़ नाटक ‘YaRI – Our Responsibility’ ने यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर जस्टिस प्रीतम पाल ने अच्छे इंसान बनने और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में संगीत, लोकनृत्य और अंतरविद्यालय प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
आनंदोत्सव ’26 का समापन 16 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन पद्मश्री डॉ. पुनम सूरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ तीन दिवसीय महोत्सव का समापन किया जाएगा।
