पीपल फोरम ऑफ इंडिया के नेतृत्व ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा से की महत्वपूर्ण बैठक
पीपल फोरम ऑफ इंडिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय श्री हर्ष मल्होत्रा से उच्चस्तरीय बैठक की। इस मुलाकात में संगठन की नई प्रशासनिक संरचना और रणनीतियों पर चर्चा हुई, जिसमें स्थानीय स्तर पर सेवा विस्तार और बेहतर शासन को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
नई नियुक्ति के बाद फोरम की विस्तार योजना का परिचय
डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने केंद्रीय मंत्री को दी विस्तृत जानकारी
फोरम के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुख्यालय प्रशासन प्रभारी डॉ. भार्गव मल्लप्पा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मण्णमोझ्यान ने बैठक का नेतृत्व किया। बैठक में मंत्री को संगठन की तीन चरणों वाली पुनर्गठन योजना से अवगत कराया गया, जिसमें राष्ट्रीय से लेकर तालुका स्तर तक नई टीमों का गठन शामिल है।
जनसेवा के क्षेत्र में योगदान और आगे के कदम
डॉ. मल्लप्पा ने मंत्री को बेंगलुरु आमंत्रित किया, मंत्री ने जताई सहयोग की भावना
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनसेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मंत्री को फोरम के जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद के लिए बेंगलुरु आने का निमंत्रण दिया। मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा:
“पीपल फोरम ऑफ इंडिया के जनसेवा के प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। मैं डॉ. मल्लप्पा और डॉ. मण्णमोझ्यान को भरोसा दिलाता हूं कि नागरिक कल्याण और लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत करने में मेरा पूरा समर्थन रहेगा।”
फोरम नेतृत्व की प्रतिक्रिया
डॉ. भार्गव मल्लप्पा और डॉ. एस. मण्णमोझ्यान के विचार
मंत्री से मुलाकात के बाद डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा, “यह हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। हम एक तकनीक-समर्थ और जवाबदेह प्रशासन व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जिससे योजनाएं सीधे आम लोगों तक पहुंच सकें। आज की बातचीत यह दर्शाती है कि सरकार और नागरिक समाज के बीच सहयोग से लोकतंत्र मजबूत होता है।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मण्णमोझ्यान, जो तीन दशकों से संगठन से जुड़े हैं, ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सेवा’ को राष्ट्रीय महत्व मिला है। पीपल फोरम ऑफ इंडिया अपने मूल सिद्धांत ‘जनसेवा ही ईश्वर सेवा है’ पर दृढ़ता से कायम है। आज की यह बैठक हमारे संकल्प और सहयोग की भावना को प्रकट करती है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्य जमीनी स्तर तक मजबूती से पहुंचे।”
