राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने राष्ट्रीय रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरेडको) के 17वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक वर्ग तक अफोर्डेबल हाउज़िंग पहुँचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है और शहरी अवसंरचना को मजबूती देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं।
शहरी बदलाव और केंद्र की नीतियों का समन्वय
पंत ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हाल के वर्षों में देश के शहरी व अवसंरचना क्षेत्र में तेज प्रगति हुई है और राजस्थान ने भी इन लक्ष्यों के अनुरूप अपने स्तर पर नीतियाँ लागू की हैं। राज्य में नई टाउनशिप पॉलिसी व मॉडल बिल्डिंग बायलॉज जैसे कदमों से परियोजनाओं को मंजूरी और गति मिलने की उम्मीद है।

निवेश-मित्र माहौल बनाने पर जोर
बेहतर निवेश माहौल के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना आवश्यक बताया गया। पंत ने कहा कि नियम-कानूनों के सरलीकरण से अनावश्यक बोझ हटाया जा रहा है और ट्रांज़ैक्ट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट तथा टीडीआर जैसी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
हरित बजट और सतत शहरी योजनाएँ
राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए ग्रीन बजट में सर्कुलर अर्थव्यवस्था, संसाधनों का सतत उपयोग और ज़मीन के प्रभावी उपयोग जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शहरों को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाना बताया गया।
बड़े निवेश और परियोजनाओं की प्रगति
‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के संदर्भ में पंत ने कहा कि अर्बन क्षेत्र के लिए लगभग ₹1.25 लाख करोड़ के एमओयू हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाएँ शुरू भी हो चुकी हैं — यह राज्य की विकासगत तैयारियों का संकेत है।
कनेक्टिविटी व बुनियादी ढांचे के नए प्रस्ताव
भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए राजस्थान ने नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की घोषणा की है जो महत्वपूर्ण शहरों व राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी। साथ ही जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र के साथ समन्वय चल रहा है।

पैनल सत्रों में भागीदारी
सम्मेलन में शहरी विकास एवं आवास विभाग के शासन सचिव देबाषीष पृष्ठी, स्वायत शासन सचिव रवि जैन और रेरा की चेयरपर्सन वीनू गुप्ता ने अलग-अलग सत्रों में विचार रखे — जैसे ‘अफोर्डेबल हाउसिंग फॉर ऑल’, ‘रियल एस्टेट गवर्नेंस: रेरा नेक्स्ट’ और ‘अर्बन मोबिलिटी व जीवन की गुणवत्ता’।
समाप्ति : मुख्य सचिव ने उपस्थितों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरों और नागरिकों के लिए जीवन को सरल, सुरक्षित और रहने योग्य बनाना है; उसी दृष्टि से योजनाओं का लागू होना जारी है।
