एमईआरआई कॉलेज में स्पेस स्ट्रेटेजिक ग्रुप की बैठक आयोजित
नई दिल्ली: एमईआरआई कॉलेज में स्पेस स्ट्रेटेजिक ग्रुप की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंतरिक्ष और बढ़ते अंतरिक्ष उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रमुख अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों के दौरान अपना ज्ञान और अनुभव साझा किया। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में नए विकास, भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। अंतरिक्ष विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी ने बैठक को जानकारीपूर्ण और सार्थक बनाया।
बैठक के दौरान, एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और स्पेस इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसआईए इंडिया) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य अंतरिक्ष शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है। एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट, प्रो. ललित अग्रवाल, और SIA के डी.जी., श्री अनिल प्रकाश ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर, प्रो. ललित अग्रवाल ने सभी वक्ताओं और विशेषज्ञों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में स्पेस इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ मिलकर काम करेगा। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आए हैं कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में एक प्रमुख नेता बना रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी साझेदारियाँ छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और उन्हें अंतरिक्ष क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेंगी।
बैठक कई सत्रों में आयोजित की गई, जहाँ विशेषज्ञों ने अंतरिक्ष के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। SIA के वरिष्ठ सलाहकार, लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू ने IndSpaceX 4.0 पर बात की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इसलिए एक ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जो अधिक युवाओं को अंतरिक्ष इंडस्ट्री की ओर आकर्षित करे। लेफ्टिनेंट जनरल पन्नू ने कहा कि हमें अंतरिक्ष क्षेत्र में अधिक अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता है। उन्होंने कि एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस अंतरिक्ष अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में काम कर सकता है।
श्रीमती रंजना कौल ने सैन्य और रणनीतिक दृष्टिकोण से अपने विचार साझा किए। उन्होंने मुख्य रूप से अंतरिक्ष से संबंधित नियमों पर ध्यान केंद्रित किया। चर्चा के दौरान, उन्होंने हिरोशिमा और नागासाकी जैसे ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ-साथ स्पुतनिक के लॉन्च का भी ज़िक्र किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हालांकि अंतरिक्ष का सैन्य महत्व है, लेकिन इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय नियमों के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।
मेजर जनरल मनजीत एस. मोखा ने वेलफेयर- शिफिटिंग कॉन्टूर्स’ पर बात की। उन्होंने डिफेंस साइबर एजेंसी, डिफेंस स्पेस एजेंसी और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस (MDO) से संबंधित प्रमुख सुधारों और पहलुओं पर भी चर्चा की। ब्रिगेडियर अरुण सहगल ने ‘वॉर गेम प्लानिंग’ के बारे में बात की और एक उपकरण के रूप में सिमुलेशन के फायदों पर प्रकाश डाला। राजदूत श्री आर. सूद ने अंतरिक्ष युद्धों के अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों पर चर्चा की।
कई अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने ‘ओपन आइडिएशन’ सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसका संचालन लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू ने किया। बैठक का संचालन श्री कुश अग्रवाल ने किया। सलाहकार डॉ. राकेश खुराना, डीन डॉ. दीपशिखा कालरा, सीआईएस के प्रमुख डॉ. रमाकांत द्विवेदी, एमईआरआई स्पेस स्ट़डिज विभाग के प्रमुख श्री अमित वी. हंस, साथ ही एमईआरआई के फैकल्टी और कर्मचारी भी बैठक में मौजूद थे।
