बालाघाट जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। जंगल किनारे लकड़ी लेने गए 65 वर्षीय बुजुर्ग पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
गांव के लोगों ने जब मदद की आवाज़ सुनी तो वे तुरंत दौड़े, लेकिन तब तक बाघ जंगल के अंदर गहराई में चला गया और बुजुर्ग की लाश वहीं पड़ी रह गई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीण अक्सर जंगल से लकड़ी और पशुओं के लिए चारा लेने जाते हैं, लेकिन जंगली जानवरों का डर हमेशा बना रहता है।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की पुष्टि की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि अब अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। बाघों की आवाजाही पर नज़र रखी जाएगी और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए ज़रूरी जानकारी दी जाएगी।
बालाघाट मध्य प्रदेश का ऐसा जिला है, जहां बाघों और दूसरे जंगली जानवरों की संख्या अधिक है। यह घटना फिर से इंसान और जंगली जानवरों के बीच नाज़ुक संतुलन की ओर ध्यान खींचती है। बाघ गर्व और संरक्षण का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि इंसानी ज़िंदगियों को सुरक्षित रखते हुए सह-अस्तित्व की राह ढूँढ़नी ज़रूरी है।
