व्यक्तिगत मुलाक़ातें: डॉ. पॉल ने बताया कि उन्होंने CM रेवंत रेड्डी से दो सालों में सात बार मुलाक़ात की, पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
वर्ल्ड पीस मूवमेंट के अध्यक्ष और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. के.ए. पॉल ने आज आंध्र भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. पॉल ने दस्तावेज़ों और विशिष्ट तिथियों का हवाला देते हुए, दोनों नेताओं को 15 दिनों के भीतर इन मामलों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की समय-सीमा दी है।
डॉ. पॉल ने पुष्टि की है कि इन मामलों की व्यापक जाँच की मांग को लेकर उन्होंने कल ही तेलंगाना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है।
सोनिया गांधी पर 2005 में ‘गांधी की भूमि’ सौंपने का आरोप
डॉ. पॉल ने श्रीमती सोनिया गांधी पर एक गंभीर ऐतिहासिक आरोप लगाया:
आरोप: डॉ. पॉल ने दावा किया कि 5 जुलाई 2005 को श्रीमती सोनिया गांधी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के दबाव में आकर “गांधी जी की भूमि” पश्चिमी शक्तियों को सौंपने का निर्णय लिया था।
शांति मिशन: उन्होंने बताया कि इसी दिन भारत के 17 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित एक ‘शांति मिशन’ को भी रद्द कर दिया गया था।
तेलंगाना सरकार पर ₹5 लाख करोड़ मूल्य की भूमि बेचने की तैयारी का आरोप
डॉ. पॉल ने तेलंगाना सरकार के वर्तमान कदमों पर भी चिंता व्यक्त की:
घोटाले की आशंका: उन्होंने आरोप लगाया कि 8 से 10 दिसंबर को होने वाले ‘तेलंगाना राइजिंग’ समिट की आड़ में राज्य सरकार 9,298 एकड़ सरकारी भूमि को कथित “बेनामी नेटवर्क्स” को कम क़ीमत पर बेचने या लीज़ पर देने की तैयारी कर रही है।
आकलन: उन्होंने इस कदम को “तेलंगाना सिंकिंग समिट” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे राज्य को लगभग ₹5 लाख करोड़ मूल्य की ज़मीन का भारी नुक़सान होगा।
अंतिम चेतावनी और देशव्यापी आंदोलन की घोषणा
डॉ. पॉल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पिछले दो वर्षों में सात बार मुलाक़ात की और कई पत्र भेजे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
समय-सीमा: डॉ. पॉल ने सोनिया गांधी और रेवंत रेड्डी को 15 दिनों की समय-सीमा दी है।
कार्रवाई: उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो वह नई दिल्ली स्थित हेराल्ड हाउस से “गांधी भूमि वापसी – तेलंगाना भूमि बचाओ” नाम से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
डॉ. पॉल ने इन मामलों की तत्काल और व्यापक जाँच की मांग की है।
