डोनाल्ड ट्रंप के ईरान विरोधी बयान पर भड़के डॉ. के.ए. पॉल, बोले—महाभियोग ही अंतिम रास्ता
नई दिल्ली, प्रसिद्ध इंजेलिस्ट और वैश्विक शांति के प्रखर पक्षधर डॉ. के.ए. पॉल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की तीखी आलोचना की है जिसमें ट्रंप ने ईरानी नेताओं को जान से मारने की धमकी दी थी। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में डॉ. पॉल ने इस बयान को अमानवीय, अलोकतांत्रिक और ईसाई मूल्यों के खिलाफ करार देते हुए ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी कांग्रेस और सीनेट में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।
डॉ. पॉल ने विशेष रूप से ट्रंप के उस दावे को घातक बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या नहीं की, लेकिन धन्यवाद न मिलने पर अब उन्हें खत्म कर देंगे। पॉल के अनुसार यह विचारधारा न केवल ईसाई धर्म के लिए अपमानजनक है, बल्कि वैश्विक शांति प्रयासों को भी गहरा धक्का देती है।
उन्होंने अपनी 2020 की चर्चित पुस्तक ‘सेव अमेरिका एंड द वर्ल्ड फ्रॉम ट्रंप’ का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले ही ट्रंप को चेतावनी दे चुके थे कि हिंसा और द्वेष की राह पर चलकर न केवल अमेरिका, बल्कि पूरा विश्व संकट में आ सकता है।
डॉ. पॉल ने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान और इज़राइल—दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क कर बातचीत की है और दोनों ने स्पष्ट किया है कि वे सामूहिक विनाश के हथियारों की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे। उन्होंने ट्रंप पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की अनदेखी और पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।
संविधान का हवाला देते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि अमेरिका का कोई भी राष्ट्रपति संसद की अनुमति के बिना युद्ध की घोषणा नहीं कर सकता। ट्रंप का रवैया न केवल संविधान का उल्लंघन है बल्कि नैतिक रूप से भी निंदनीय है। उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं जैसे सीनेटर जॉन थ्यून, टेड क्रूज़ और लिंडसे ग्राहम से अपील की कि वे राजनीतिक कीमत की चिंता किए बिना ट्रंप को जवाबदेह ठहराएं।
डॉ. पॉल ने ट्रंप को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी भाषा और नीतियों में बदलाव नहीं हुआ, तो न सिर्फ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी बल्कि उन्हें ईश्वर के न्याय का भी सामना करना पड़ेगा।
बाइबिल के सिद्धांत “थाउ शॉल्ट नॉट किल” (तू हत्या न करेगा) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शांति कभी भी हत्या या धमकियों से नहीं आती।
अंत में डॉ. पॉल ने कहा कि एक शांति समर्थक होने के नाते यह उनका नैतिक धर्म है कि वे अन्याय और हिंसा पर चुप न रहें। उन्होंने वैश्विक समुदाय से राष्ट्रपति ट्रंप के विवेक और परिवर्तन के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
