इंडस्ट्री ऑक्शन हब का नया B2B डिजिटल मार्केटप्लेस शुरू, तकनीक आधारित पारदर्शी नीलामी से औद्योगिक सामग्री कारोबार को मिलेगा नया आयाम
नोएडा बनी इस नई पहल का केंद्र, औद्योगिक स्क्रैप और निष्क्रिय परिसंपत्तियों के संगठित कारोबार को मिलेगा डिजिटल मंच; ₹2 लाख करोड़ से अधिक के संभावित बाजार को साधने की तैयारी
नई दिल्ली/नोएडा: **औद्योगिक सामग्री के संगठित और डिजिटल कारोबार को नई गति देने के लिए नोएडा स्थित इंडस्ट्री ऑक्शन हब प्राइवेट लिमिटेड (IAH) ने industryauctionhub.com के माध्यम से अत्याधुनिक B2B डिजिटल मार्केटप्लेस लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म औद्योगिक कमोडिटीज़, स्क्रैप और निष्क्रिय औद्योगिक परिसंपत्तियों के व्यापार को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फिलहाल इसकी सेवाएं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से शुरू की गई हैं।
भारत में औद्योगिक स्क्रैप और सेकेंडरी मैटेरियल्स का बाजार अभी भी काफी हद तक असंगठित ढांचे में संचालित होता है, जहां बिचौलियों की भूमिका प्रमुख रहती है। इससे मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शिता जैसी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। इंडस्ट्री ऑक्शन हब का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म इस व्यवस्था को तकनीक की मदद से अधिक संगठित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
यह पहल केवल डिजिटल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने का भी लक्ष्य रखती है। उपयोग योग्य औद्योगिक सामग्री को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, कच्चे माल की लागत कम करने और सप्लाई चेन को अधिक सक्षम बनाने में यह प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वित्त वर्ष 2030 तक देश में स्क्रैप की मांग और उपलब्धता के बीच अनुमानित 1.3 से 1.5 करोड़ टन के अंतर को देखते हुए इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
सह-संस्थापक सुधीर अग्रवाल ने कहा कि देश में पर्याप्त औद्योगिक सामग्री उपलब्ध है, लेकिन उसकी जानकारी और पहुंच सीमित नेटवर्क तक ही रहती है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री ऑक्शन हब को इसी समस्या का समाधान देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, ताकि उद्योगों को एक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-संचालित डिजिटल मार्केटप्लेस मिल सके।
औद्योगिक सामग्री के व्यापार को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह प्लेटफॉर्म “लिस्ट, बिड और डिलीवर” मॉडल अपनाता है। किसी भी सामग्री को सूचीबद्ध करने के 48 घंटे के भीतर उसका थर्ड-पार्टी सत्यापन और विस्तृत कैटलॉग तैयार किया जाता है। इसके बाद सत्यापित खरीदार ऑनलाइन नीलामी में भाग लेते हैं। सफल बोली लगने के बाद भुगतान एस्क्रो सिस्टम में सुरक्षित रखा जाता है और सामग्री की पुष्टि होने पर ही विक्रेता को भुगतान जारी किया जाता है। यह व्यवस्था पूरे लेनदेन को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाती है।
प्लेटफॉर्म पर फेरस एवं नॉन-फेरस स्क्रैप, अतिरिक्त औद्योगिक स्टॉक, ऑफ-स्पेसिफिकेशन सामग्री, निष्क्रिय मशीनरी, लॉजिस्टिक्स समाधान और MSME क्षेत्र के लिए वर्किंग कैपिटल जैसी सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
कंपनी भविष्य में प्राइस इंटेलिजेंस सर्विस शुरू करेगी, जिसके जरिए उद्योगों को विभिन्न कमोडिटीज़ के रियल-टाइम मूल्य सूचकांक और क्षेत्रवार बाजार दरों की जानकारी मिलेगी। कंपनी का मानना है कि इससे भारत के औद्योगिक सामग्री बाजार में पारदर्शी प्राइस डिस्कवरी, बेहतर सप्लाई चेन और अधिक संगठित व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
