ट्रंप को सितंबर में ही दी थी चेतावनी! अब डॉ. केए पॉल ने ईरान युद्ध खत्म करने की मांग दोहराई
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद डॉ. केए पॉल ने सितंबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर दी गई अपनी चेतावनी का जिक्र किया है। ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि ईरान युद्ध जारी रहने पर रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा चुनावी नुकसान हो सकता है।
डॉ. पॉल ने अब ट्रंप से एक बार फिर ईरान युद्ध खत्म करने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
23 सितंबर को की थी राजनीतिक नुकसान की बात
डॉ. पॉल ने 23 सितंबर 2026 को वॉशिंगटन डीसी में ग्लोबल पीस समिट के दौरान यह बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ट्रंप ईरान युद्ध समाप्त नहीं करते हैं, तो रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपना नियंत्रण खो सकती है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद डॉ. पॉल ने अपनी भविष्यवाणी को सही बताया। उन्होंने कहा कि नेताओं को राजनीतिक फायदे से पहले लोगों की सुरक्षा और दुनिया की स्थिरता के बारे में सोचना चाहिए।
ईरान युद्ध पर क्यों चिंतित हैं डॉ. पॉल?
डॉ. पॉल के अनुसार, युद्ध का असर केवल संघर्ष में शामिल देशों तक सीमित नहीं रहता। इससे दुनिया के दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था, समाज और आम लोगों का जीवन भी प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने ट्रंप से शांति को प्राथमिकता देने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया।
नेतन्याहू के गठबंधन को भी नहीं मिला बहुमत
डॉ. पॉल ने इजरायल के चुनावी घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाने की मांग दोहराई।
प्रेस रिलीज के मुताबिक, नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को 120 सदस्यीय नेसेट में 27 सीटें मिलीं। उनके पूरे गठबंधन को 53 सीटें हासिल हुईं, जबकि बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है। इस कारण गठबंधन बहुमत से पीछे रह गया।
माइक जॉनसन पर भी कही यह बात
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन को लेकर डॉ. पॉल ने कहा कि जनवरी 2027 में नई कांग्रेस के कामकाज शुरू करने के बाद उन्हें स्पीकर का पद छोड़ना पड़ सकता है।
डॉ. पॉल ने जॉनसन को अपना करीबी मित्र बताया और उनके नेतृत्व की तारीफ की।
दुनिया के नेताओं से शांति का रास्ता चुनने की अपील
डॉ. पॉल ने ट्रंप, नेतन्याहू और दूसरे वैश्विक नेताओं से जारी संघर्षों को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युद्ध के बजाय बातचीत और टकराव के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शांतिपूर्ण समाधान से ही दुनिया को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाया जा सकता है।
