भार्गव मलप्पा ने टेलीग्राम फिशिंग प्रयास को किया उजागर, बढ़ते साइबर धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई की मांग
एनबीएसएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने परिवार के सदस्यों को भेजे गए समन्वित फिशिंग लिंक की दी जानकारी, त्वरित जांच और डिजिटल खतरों पर जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील
पीपल फोरम ऑफ इंडिया (एनबीएसएस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भार्गव मलप्पा ने एक ही परिवार के कई सदस्यों को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध साइबर फिशिंग मामले की जानकारी दी है। इस संबंध में उन्होंने बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।
राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज आधिकारिक शिकायत के अनुसार, मलप्पा को 11 अप्रैल, 2026 को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर एक संदिग्ध और अज्ञात लिंक प्राप्त हुआ। यही लिंक उनकी पत्नी और भाई को भी भेजा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिशिंग के जरिए पूरे परिवार को निशाना बनाने की कोशिश की गई।

13 अप्रैल को ऑनलाइन और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध की श्रेणी में दर्ज इस शिकायत के साथ जांच के लिए डिजिटल साक्ष्य भी जमा किए गए हैं। मलप्पा ने बताया कि यह लिंक किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजा गया था और इसके जरिए संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बनाने की आशंका है।
अपने कार्यालय से जारी बयान में मलप्पा ने कहा कि यह घटना रोजमर्रा की डिजिटल बातचीत में बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के खतरे को दर्शाती है।
“यह कोई अकेला मामला नहीं है। इस तरह के फिशिंग प्रयास अब लगातार व्यक्तियों और परिवारों को निशाना बना रहे हैं। इन गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े प्रवर्तन, समय पर जांच और व्यापक जन-जागरूकता की तत्काल आवश्यकता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत दंडित करने की मांग की है।
