विजन 2047 के अनुरूप SRM का AI-संचालित शिक्षा मॉडल, भविष्य के विद्यार्थियों को करेगा तैयार
राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलनों में सौरभ शर्मा ने साझा की SRM की विज़न 2047 रणनीति और AI-आधारित शिक्षा की रूपरेखा
नई दिल्ली: नवाचार और तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, SRM ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (तिरुचिरापल्ली एवं रामापुरम) के रणनीति और ब्रांडिंग निदेशक सौरभ शर्मा ने ET एनुअल एजुकेशन समिट (यशोभूमि) तथा AI वर्ल्ड समिट (ताज विवांता) जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लिया।
इस मौके पर वक्ता और पैनलिस्ट के तौर पर सौरव ने उच्च शिक्षा, उद्योग और भविष्य के कार्यबल को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए । उन्होंने सांझा किया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दृष्टिकोण में बदलाब देखने को मिला है, जो लोग पहले AI के इस्तेमाल को लेके संशय में थे अब इस बात पर गौर कर रहे हैं कि कैसे इसका और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
SRM तिरुचिरापल्ली की दीर्घकालिक रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि संस्थान माननीय प्रधानमंत्री के विज़न 2047 के अनुरूप विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। माननीय चेयरमैन के नेतृत्व में SRM नवाचार, उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी, अनुसंधान और तकनीक-संचालित शिक्षण को केंद्र में रखकर एक आधुनिक शैक्षणिक वातावरण विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए SRM अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण प्रणाली में AI साक्षरता, डिजिटल कौशल और अनुभवात्मक शिक्षण को शामिल कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है, जिनमें तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान की क्षमता और नवाचार की समझ भी हो। इससे वे AI-संचालित भविष्य में सफल होने के साथ-साथ वर्ष 2047 तक भारत के विकास लक्ष्यों में भी सार्थक योगदान दे सकेंगे।
दोनों सम्मेलनों में देशभर के नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिस दौरान शिक्षा क्षेत्र में AI के बढ़ते उपयोग, उससे जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई।
इन राष्ट्रीय मंचों पर अपनी भागीदारी के माध्यम से SRM ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए भविष्य के अनुरूप शिक्षण वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
