जहां चढ़ाई में लगते हैं 5 से 9 दिन, कविता चंद ने 22 घंटे में पूरा किया सफर
माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई में आमतौर पर 5 से 9 दिन लगते हैं। कविता चंद ने उहुरू पीक तक पहुंचकर वापसी का सफर 22 घंटे 36 मिनट में पूरा किया
नई दिल्ली: माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई और वापसी में आमतौर पर पांच से नौ दिन लगते हैं। लेकिन भारतीय पर्वतारोही कविता चंद ने यह पूरा सफर सिर्फ 22 घंटे 36 मिनट में पूरा कर दिया। उन्होंने 5,895 मीटर ऊंची उहुरू पीक तक पहुंचने में 12 घंटे 46 मिनट लगाए।
इस उपलब्धि के साथ वह 24 घंटे से कम समय में किलिमंजारो की चढ़ाई और वापसी पूरी करने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।
आखिर क्यों मुश्किल है किलिमंजारो की चढ़ाई?
माउंट किलिमंजारो अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई 5,895 मीटर है। ऊंचाई बढ़ने के साथ हवा में ऑक्सीजन कम होती जाती है। ऐसे में शरीर को नई परिस्थितियों के अनुकूल होने के लिए समय चाहिए।
इसी वजह से पर्वतारोही आमतौर पर कई दिनों में चढ़ाई पूरी करते हैं। कविता ने अपनी फिटनेस और सहनशक्ति पर लंबे समय तक काम करके इस चुनौती को कम समय में पूरा किया।
शिकागो मैराथन से हिमलुंग हिमाल तक की तैयारी
कविता ने 11 अक्टूबर को शिकागो मैराथन में हिस्सा लिया था। इसके लिए उन्होंने तीन महीने तक प्रशिक्षण किया। वह हर सप्ताह 70 से 90 किलोमीटर दौड़ती थीं और सप्ताह में तीन बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती थीं। मैराथन में वह भारतीय महिलाओं के बीच तीसरे स्थान पर रहीं।
इसके बाद उन्होंने नेपाल में हिमलुंग हिमाल अभियान में हिस्सा लिया। वह 7,126 मीटर ऊंचे इस पर्वत पर करीब 6,600 मीटर तक पहुंचीं। हालांकि, वह शिखर तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें ऊंचाई पर चढ़ाई करने की तैयारी दी।
म्वेका गेट से शुरू किया अभियान
कविता ने म्वेका गेट से अपनी यात्रा शुरू की और उहुरू पीक तक पहुंचने के बाद उसी रास्ते से वापस लौटीं। अभियान के लिए बूट्स एंड क्रैम्पन्स के भरत और रोमिल ने तंजानिया की स्थानीय टीम के साथ समन्वय किया।
कविता के पहुंचने से पहले 4,673 मीटर पर बाराफू कैंप तैयार किया गया था। गाइड और समिट पोर्टर ने भी चढ़ाई के दौरान उनकी मदद की।
सेवन समिट्स यात्रा का पांचवां पर्वत
किलिमंजारो कविता की सेवन समिट्स यात्रा का पांचवां पर्वत है। वह इससे पहले एल्ब्रुस, डेनाली, विंसन और एकॉनकागुआ पर चढ़ाई कर चुकी हैं।
मैराथन के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां जारी हैं। वह छह वर्ल्ड मैराथन मेजर में से पांच पूरी कर चुकी हैं। अब केवल एक मैराथन बाकी है।
