ईरान युद्ध कैसे रुके? डॉ. के. ए. पॉल ने दिया 15 सूत्रीय प्रस्ताव का हवाला
ईरान युद्ध के बीच डॉ. के. ए. पॉल ने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान से कूटनीतिक बातचीत की अपील की
वॉशिंगटन डीसी, 22 अक्टूबर 2026: ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक बातचीत की जरूरत पर जोर देते हुए डॉ. के. ए. पॉल ने अपने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान के नेतृत्व से संवाद शुरू करने तथा सैन्य कार्रवाई के बजाय संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने का आग्रह किया।
ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. पॉल ने इजरायल के नागरिकों से भी शांति के समर्थन में एकजुट होने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों की जवाबदेही तय करने की अपील की। उन्होंने इजरायलियों से 27 अक्टूबर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया।
डॉ. पॉल का आरोप है कि ईरान को लेकर नेतन्याहू की नीतियों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इजरायल की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए सैन्य टकराव के साथ-साथ कूटनीतिक विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि 15 मार्च को उन्होंने ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था। अब उन्होंने संबंधित पक्षों से प्रस्ताव की समीक्षा की स्थिति स्पष्ट करने और उसके संभावित प्रावधानों पर चर्चा करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर कोई प्रस्ताव जान बचाने और युद्ध रोकने में मदद कर सकता है, तो उसे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखकर परखा जाना चाहिए।
डॉ. पॉल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सैन्य अभियान के उद्देश्यों, फैसले की परिस्थितियों और उपलब्ध विकल्पों की समीक्षा करने की मांग की। उनके अनुसार, सैन्य हमलों से किसी देश में सत्ता परिवर्तन की गारंटी नहीं मिलती और ऐसे कदम क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने ईरान में अपनी यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझना जरूरी है। ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक और धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने से दुश्मनी गहरी हो सकती है और शांति वार्ता के रास्ते बंद हो सकते हैं।
डॉ. पॉल ने युद्ध के आर्थिक और मानवीय प्रभावों का भी जिक्र किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों, कमजोर परिवारों की मुश्किलों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने खाद्य कीमतों में भारी बढ़ोतरी के दावे किए, हालांकि उनके बयान में इन दावों के समर्थन में देशवार आंकड़े नहीं दिए गए।
उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन के शांति प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने युद्ध संबंधी फैसलों और सलाहकारों की भूमिका की पारदर्शी समीक्षा की मांग की। उन्होंने संभावित हितों के टकराव से जुड़े सवालों की जांच दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर करने का आग्रह किया।
डॉ. पॉल ने कहा कि शांति वार्ता का उद्देश्य युद्ध रोकना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संघर्ष को अन्य क्षेत्रों तक फैलने से रोकना होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अपील इजरायली सरकार की नीतियों और राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही से जुड़ी है, न कि यहूदी समुदाय के खिलाफ।
उन्होंने मीडिया और विश्व नेताओं को 25 अक्टूबर 2026 को शाम 6 से 9 बजे तक डलास के प्रिस्मो कोलिनास में आयोजित ग्लोबल पीस एंड प्रेयर मीटिंग में आमंत्रित किया। डॉ. पॉल ने कहा कि स्थायी शांति के लिए सैन्य विकल्पों के साथ विश्वसनीय कूटनीतिक पहलों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
