15 साल कॉर्पोरेट में काम करने के बाद संगीत की दुनिया में आईं पापोरी हर्ष
पापोरी हर्ष 24 अक्टूबर को गुरुग्राम में ‘द जुगनी स्टोरी’ कॉन्सर्ट करेंगी। जानें उनके कॉर्पोरेट से संगीत तक के सफर और म्यूजिक-वेलनेस पहल के बारे में
गुरुग्राम: कॉर्पोरेट नेतृत्व में करीब 15 साल काम करने के बाद पापोरी हर्ष ने संगीत को अपने जीवन का केंद्र बनाया। अब गायिका और परफॉर्मिंग आर्टिस्ट अपने अनुभवों और भावनाओं को ‘द जुगनी स्टोरी – द पापोरी हर्ष प्रोजेक्ट लाइव’ के जरिए श्रोताओं तक पहुंचाने जा रही हैं। यह लाइव कॉन्सर्ट 24 अक्टूबर को गुरुग्राम के एपिसेंटर में होगा।
बेंगलुरु में रहने वाली पापोरी ने एनसीआर में अपने पेशेवर करियर के दौरान मानव संसाधन नेतृत्व, कंसल्टिंग, मैनेजमेंट ट्रेनिंग और अकादमिक क्षेत्र में काम किया। कॉर्पोरेट जगत से संगीत की ओर उनका सफर उनके लिए केवल करियर बदलने का फैसला नहीं रहा, बल्कि अपनी रचनात्मक पहचान को तलाशने का अवसर भी बना।
पापोरी संगीत को भावनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने का माध्यम मानती हैं। उनके लिए किसी गीत का प्रभाव उसकी धुन तक सीमित नहीं होता। वह यह भी देखती हैं कि गीत श्रोताओं के भीतर कौन-सी यादें, सवाल और भावनाएं जगाता है।
संगीत विशारद पापोरी ने विदुषी पद्मजा चक्रवर्ती से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। पद्मजा चक्रवर्ती, महान शास्त्रीय गायिका विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या रही हैं। पापोरी की संगीत शैली में भारतीय शास्त्रीय परंपरा और लोकप्रिय संगीत का मेल है। वह सूफी, लोक संगीत, गजल, बॉलीवुड और इंडियन फ्यूजन जैसी शैलियों में प्रस्तुति देती हैं।
उनकी रुचि संगीत के साथ वेलनेस में भी है। उन्होंने बोस्टन स्थित बर्कली कॉलेज ऑफ म्यूजिक से म्यूजिक एंड वेलनेस तथा कैलिफोर्निया के बर्कले कॉलेज से हैप्पीनेस कोचिंग का प्रमाणन हासिल किया है। यह जुड़ाव उनकी प्रस्तुतियों में आत्म-चिंतन और भावनात्मक अनुभवों को जगह देता है।
पापोरी कहती हैं, “मेरे लिए संगीत केवल प्रस्तुति देने का माध्यम नहीं है। यह जुड़ने, खुद को समझने, सवाल करने और अपने भीतर लौटने का एक रास्ता है।”
‘द जुगनी स्टोरी’ में वह इसी विचार को संगीत और कहानी कहने की शैली के माध्यम से सामने रखेंगी। प्रस्तुति में यादों, संघर्षों से उबरने, अपनी पहचान समझने और आत्म-खोज जैसे विषय शामिल होंगे। ‘जुगनी’ की स्वतंत्र और बेफिक्र भावना इस कार्यक्रम की रचनात्मक दिशा तय करती है।
पापोरी का काम मंचीय प्रस्तुतियों से आगे भी बढ़ता है। उन्होंने ‘द म्यूजिक विलेज इंडिया’ नाम से एक सामुदायिक मंच शुरू किया है, जो संगीत, सजगता और भावनात्मक कल्याण को जोड़ता है। मंच के जरिए वेलनेस सेशन और अनुभव आधारित रिट्रीट आयोजित किए जाते हैं। ‘टीएमवी होप स्क्वॉड’ पहल के माध्यम से बेंगलुरु के वंचित समुदायों के युवाओं के मानसिक और भावनात्मक कल्याण को सहयोग देने का प्रयास किया जाता है।
24 अक्टूबर को होने वाला कॉन्सर्ट पापोरी हर्ष के 2026 टूर का हिस्सा है। कार्यक्रम को टोयोटा का सहयोग मिला है। कोग्नाज, कन्वर्ज़.एआई, स्ट्रैट-बोर्ड, अर्बन आयुष, द म्यूजिक विलेज और तीन कीड़े भी इससे जुड़े हैं।
कब और कहां देखें कॉन्सर्ट?
‘द जुगनी स्टोरी – द पापोरी हर्ष प्रोजेक्ट लाइव’ शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को एपिसेंटर, अपैरल हाउस, सेक्टर 44, गुरुग्राम में आयोजित होगा। प्रवेश शाम 6 बजे से और कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होगा। टिकट डिस्ट्रिक्ट बाय जोमैटो पर उपलब्ध हैं। वेबसाइट www.paaporiharsh.com और इंस्टाग्राम @paapori.harsh.project पर अतिरिक्त जानकारी देखी जा सकती है।
