नई दिल्ली: डॉ. के.ए. पॉल ने नीट में शामिल विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि परीक्षा का दबाव या नतीजे कभी भी जीवन से बड़े नहीं होते और किसी भी परिस्थिति में आत्मघाती कदम नहीं उठाना चाहिए।
हाल ही में एक छात्रा द्वारा परीक्षा में असफल होने की आशंका के कारण आत्महत्या किए जाने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि किसी भी परीक्षा का परिणाम जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा में असफलता किसी व्यक्ति के भविष्य का निर्धारण नहीं करती और विद्यार्थियों के लिए जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं।
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए डॉ. पॉल ने बताया कि वे स्वयं दसवीं कक्षा में दो बार असफल हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल की। उन्होंने विद्यार्थियों से आशावादी बने रहने, मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।
डॉ. पॉल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी तीखा हमला बोलते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े विभिन्न विवादों और छात्रों की शिकायतों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मंत्रालय देशभर के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का समाधान करने में विफल रहा है।
जवाबदेही की मांग करते हुए डॉ. पॉल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से देश की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अधिक सक्षम नेतृत्व को सौंपने का आग्रह किया।
डॉ. पॉल ने कहा, “विद्यार्थियों को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि एक परीक्षा उनका भविष्य तय करती है। यदि एक अवसर छूट जाता है तो जीवन में आगे कई अन्य अवसर उपलब्ध रहते हैं। जीवन अनमोल है और बेहतर भविष्य की हमेशा उम्मीद रहती है।”
उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से भी अपील की कि वे शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव से जूझ रहे विद्यार्थियों का सहयोग करें तथा युवाओं को मार्गदर्शन देकर उनके भीतर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करें।
