‘रामायण’ फिल्म से जुड़ा मंगलमई, दिवाली पर चलाएगा खास दीया अभियान
फिल्म का आधिकारिक दीया ऑयल पार्टनर बना ब्रांड; सोशल मीडिया प्रतियोगिताओं, खास स्टिकर्स और महिला कारीगरों से जुड़ी पहल की तैयारी
नई दिल्ली: दिवाली पर दीया जलाने की परंपरा को खास अंदाज में पेश करने के लिए मंगलमई ने फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ के साथ साझेदारी की है। नमित मल्होत्रा की यह फिल्म 5 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इस साझेदारी के तहत मंगलमई फिल्म का आधिकारिक दीया ऑयल पार्टनर बना है।
कंपनी इस सहयोग के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत और दीया जलाने की परंपरा को एक साथ जोड़ना चाहती है।
क्या है ‘मंगलमई के दीये खुशियों के लिए’ अभियान?
मंगलमई इस साझेदारी के तहत 360 डिग्री प्रचार अभियान चलाएगा। इसका नाम ‘मंगलमई के दीये खुशियों के लिए’ रखा गया है। अभियान में डिजिटल और सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ दुकानों पर प्रचार, ब्रांड की मौजूदगी और ग्राहकों के लिए कई पहल शामिल होंगी।
ब्रांड का लक्ष्य रोज की पूजा और दिवाली जैसे त्योहारों में दीया जलाने के लिए ग्राहकों के बीच अपनी पहचान मजबूत करना है।
प्रतियोगिताओं में मिलेंगे रामायण से जुड़े उपहार
ग्राहकों को जोड़ने के लिए मंगलमई सोशल मीडिया पर प्रतियोगिताएं आयोजित करेगा। इनके विजेताओं को रामायण से जुड़ी खास चीजें मिलेंगी। पुरस्कारों में अमर चित्र कथा कॉमिक बुक का विशेष संस्करण भी शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी की प्रत्येक बोतल पर दिवाली के विशेष स्टिकर लगाए जाएंगे। इन स्टिकर्स के जरिए रामायण की भावना को ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
महिला कारीगरों के लिए तैयार होंगे खास दीये
इस अभियान में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहल भी शामिल है। मंगलमई एक एनजीओ के साथ मिलकर विशेष दीये तैयार करवा रहा है। इससे महिला कारीगरों को सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है।
रामायण और दीया जलाने की परंपरा का मेल
भारतीय परंपरा में दीया प्रकाश, आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक है। वहीं, रामायण सत्य, धर्म, भक्ति और अच्छाई की जीत जैसे मूल्यों से जुड़ी है।
मंगलमई के प्रवक्ता ने कहा कि दीया जलाना भारतीय परिवारों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा है। कंपनी इस साझेदारी के जरिए पुरानी परंपराओं को आधुनिक प्रचार और ग्राहकों की भागीदारी से जोड़ना चाहती है।
कंपनी के अनुसार, मंगलमई दीया ऑयल में तिल के तेल के गुण हैं। इससे दीया लंबे समय तक जलता है और कालिख नहीं निकलती।
