नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी मजबूत करेगा एनएसईएफआई, इंद्रायणी मुले बनीं सलाहकार
नई दिल्ली: भारत के नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए सस्टेनेबल एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री (एनएसईएफआई) ने इंद्रायणी मुले को व्यापार एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों का सलाहकार नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के जरिए फेडरेशन भारतीय कंपनियों के निर्यात अवसरों, विदेशी कारोबारियों के साथ साझेदारी और विकासशील देशों के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
इंद्रायणी मुले को उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) में अपने कार्यकाल के दौरान भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वह सीआईआई इंडिया-अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव तथा अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कारोबारी सम्मेलनों का हिस्सा रहीं।
इन मंचों पर उन्होंने भारतीय उद्योग जगत, अफ्रीकी सरकारों, वाणिज्य मंडलों और कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच व्यापारिक संवाद को बढ़ावा देने में योगदान दिया। इसके अलावा, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आसियान देशों और प्रशांत द्वीप समूह के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अनुभव भी उनके पास है।
उनका पेशेवर अनुभव प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण तक भी फैला हुआ है। 2012 से 2019 के दौरान उन्होंने विदेश मंत्रालय के सहयोग से सीआईआई के औद्योगिक सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया। इसके माध्यम से अफ्रीकी देशों के वाणिज्य मंडलों और निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने अफ्रीकी विद्यार्थियों के लिए भारत में इंटर्नशिप, पेशेवर कार्यशालाओं और उद्योगों से व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के अवसर उपलब्ध कराने की पहल भी की।
एनएसईएफआई में अपनी नई भूमिका में मुले निर्यात रणनीतियों, अंतरराष्ट्रीय कारोबारी साझेदारियों और उभरते बाजारों में संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर काम करेंगी। वह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ नीतिगत और नियामकीय संवाद बढ़ाने, तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने में भी सहयोग देंगी।
एनएसईएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और परियोजना विकास के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के पास अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का अवसर है।
पुलिपाका ने यह भी कहा कि भारत विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को नवीकरणीय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने के साथ-साथ नीतिगत और संस्थागत क्षमताओं के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुले का अनुभव एनएसईएफआई की वैश्विक रणनीति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
