2026–27 दाखिला सत्र: छात्रों को सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा पाठ्यक्रमों की मान्यता जांचने की अपील
छात्रों और अभिभावकों को दाखिले से पहले संस्थान की वैधानिक मान्यता और जरूरी नियामकीय मंजूरी की जांच करने की सलाह
नई दिल्ली: स्वास्थ्य सेवा और सहायक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए 2026–27 का दाखिला सत्र महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए जारी जनहित सूचना में छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी Allied Health या Health Care कोर्स में दाखिला लेने से पहले उसकी वैधानिक और पेशेवर मान्यता की पुष्टि करें।
सूचना में कहा गया है कि किसी विश्वविद्यालय से डिग्री मिलना और उस डिग्री के आधार पर पेशेवर पंजीकरण प्राप्त करना दो अलग-अलग बातें हो सकती हैं। इसलिए छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुना गया पाठ्यक्रम संबंधित राष्ट्रीय आयोग या राज्य परिषद के नियमों के अनुरूप है।
यह जनहित सूचना सेंट मैरी पुनर्वास विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति डॉ. रेव. के.वी.के. राव द्वारा जारी की गई है। इसमें तीन श्रेणियों के पाठ्यक्रमों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- तीन वर्षीय पाठ्यक्रम: सूचना के अनुसार, अधिकांश सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसायों के लिए चार वर्षीय दक्षता-आधारित पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में तीन वर्षीय कोर्स चुनने वाले छात्रों को इसकी वैधानिक मान्यता और पंजीकरण की पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।
- बिना आवश्यक मंजूरी वाले पाठ्यक्रम: चार वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थान के पास संबंधित राष्ट्रीय आयोग या राज्य परिषद की आवश्यक पूर्व मंजूरी है या नहीं, इसकी पुष्टि करना जरूरी बताया गया है।
- विश्वविद्यालय के दायरे से बाहर के पाठ्यक्रम: निजी विश्वविद्यालय में संचालित किसी पेशेवर पाठ्यक्रम के लिए यह जांचना जरूरी है कि वह विश्वविद्यालय के स्वीकृत शैक्षणिक दायरे में शामिल है या नहीं।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि दाखिला शुल्क जमा करने से पहले संस्थान से पाठ्यक्रम की अवधि, नियामकीय मंजूरी और पेशेवर मान्यता के लिखित दस्तावेज प्राप्त करें।
जनहित सूचना का उद्देश्य 2026–27 के दाखिला सत्र में छात्रों को ऐसे पाठ्यक्रम चुनने में सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना है, जिनकी डिग्री भविष्य में पेशेवर पंजीकरण और रोजगार के लिए उपयोगी हो।
