कोल एम्प्लॉइज फोरम ने कोयला पेंशनभोगियों के लिए ₹10,000 न्यूनतम पेंशन
नई दिल्ली, 1 अगस्त, 2026
कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम (CMPFS-1971) तथा कोल माइंस पेंशन स्कीम (CMPS-1998) के अंतर्गत आने वाले सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के लिए न्यूनतम मासिक पेंशन ₹10,000 किए जाने, इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) लागू करने तथा चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कोल एम्प्लॉइज फोरम के अध्यक्ष बिमन मित्रा, संयुक्त महासचिव एम.ओ.यू. मुखर्जी, महासचिव चंचल बनर्जी तथा कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण कालवाला ने कहा कि फोरम एक गैर-राजनीतिक मंच है, जो कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, सीएमपीएफओ (CMPFO) के पेंशनभोगियों तथा विधवा पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए कार्य कर रहा है।
फोरम ने कहा कि वर्तमान में, 21,000 पेंशनभोगियों को ₹1,000 से भी कम मासिक पेंशन मिल रही है, जबकि पुरानी योजना के तहत कई विधवा पेंशनभोगियों को आज भी मात्र ₹320 प्रति माह पारिवारिक पेंशन मिल रही है। यह भी कहा गया कि दशकों से इन पेंशन राशियों में कोई उल्लेखनीय संशोधन नहीं हुआ है और इन्हें इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) से नहीं जोड़ा गया है, जबकि अन्य कई सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की पेंशन योजनाओं में महंगाई के अनुरूप संशोधन की व्यवस्था है।
संगठन के अनुसार, कोल इंडिया के लगभग 6 लाख पेंशनभोगी एवं पारिवारिक पेंशनभोगी हैं, जिनमें से करीब 4.76 लाख वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही दावा किया गया कि लगभग 47,000 पेंशनभोगियों की पेंशन जीवन प्रमाण पत्र जमा न करने, जागरूकता की कमी तथा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण बंद हो गई है। इस संबंध में कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) से जागरूकता अभियान चलाने और पेंशन बहाली की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई।
स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए वक्ताओं ने कहा कि चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के पास कोल इंडिया का मेडिकल कार्ड नहीं है, जिससे उन्हें उपचार कराने में कठिनाई होती है। उन्होंने विशेष रूप से 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत अथवा इसी प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पेंशनभोगियों के लिए सुलभ चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रमुख मांगें:
• CMPFS-1971 और CMPS-1998 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹10,000 की जाए।
• महंगाई के अनुरूप नियमित पेंशन संशोधन के साथ इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) लागू किया जाए।
• पेंशन निधि की समय-समय पर एक्चुरियल समीक्षा एवं पारदर्शी ऑडिट कराया जाए ताकि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग पेंशन वृद्धि में किया जा सके।
• जीवन प्रमाण पत्र सहित प्रक्रियागत कारणों से बंद हुई पेंशन को शीघ्र बहाल किया जाए।
• सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों एवं विधवा पेंशनभोगियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उन्हें आयुष्मान भारत के दायरे में लाया जाए।
• कोयला पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समान पेंशन सुविधाएं प्रदान की जाएं।
अंत में, वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों ने देश के सबसे जोखिमपूर्ण उद्योगों में दशकों तक सेवा दी है और वे सम्मानजनक एवं सुरक्षित सेवानिवृत्त जीवन के हकदार हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से इन लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर सार्थक पेंशन सुधार लागू करने की अपील की है।
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