नई दिल्ली में आयोजित बैठक में पीपल फोरम ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (प्रशासन एवं संगठन) डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने दिल्ली सरकार के नागरिक सशक्तिकरण के मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विरासत संरक्षण, भाषाई विविधता को बढ़ावा देने और संवाद के माध्यम से जनमूल्य कायम रखने में दिल्ली सरकार की पहल उदाहरणीय है।
मंत्री कपिल मिश्रा ने सहयोग का भरोसा दिया
कला, संस्कृति और भाषा मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने फोरम की पहल का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने नागरिक सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व को आधुनिक भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि ऐसे संगठनों के साथ साझेदारी सरकार की प्राथमिकता है।
नए राष्ट्रीय ढांचे की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा
बैठक में पीपल फोरम ने अपने राष्ट्रीय, राज्य, ज़िला एवं तालुक स्तर पर विस्तार के लिए तैयार किए गए चरणबद्ध नेतृत्व पदों का विवरण प्रस्तुत किया। डॉ. एस. मणिमोझ्यान (राष्ट्रीय अध्यक्ष) ने बताया कि यह ढांचा समुदाय-प्रधान शासन को सुदृढ़ करने तथा जमीनी स्तर पर डिजिटल एवं प्रशासनिक पहुँच बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगा।
बेंगलुरु में कार्यक्रम के लिए औपचारिक निमंत्रण
फोरम की ओर से मंत्री को बेंगलुरु आने का आमंत्रण दिया गया, जिसमें उन्हें वहां के राज्य स्तरीय समन्वयकों और स्थानीय स्वयंसेवी समूहों से मिलने का अवसर मिलेगा। ऐसा करके संगठन का नेटवर्क और भी प्रभावी होगा, जिससे नागरिकों तक सशक्त भागीदारी के संदेश और तेज़ी से पहुंचेंगे।
पुनर्गठन और विस्तार की प्रक्रिया
पीपल फोरम ऑफ इंडिया, जो भारतीय सेवक समाज के अंतर्गत 1952 से संचालित है, वर्तमान में पूरे देश में अपने स्वयंसेवक नेटवर्क और डिजिटल संसाधनों का पुनर्गठन कर रहा है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक इसकी पहुँच मजबूत करने के प्रयास जारी हैं, ताकि पारदर्शिता, सेवा और सहभागिता के सिद्धांतों को और व्यापक रूप में लागू किया जा सके।
