बांग्लादेश में हैवानियत की घटना: हिंदू युवक को नग्न कर पीटा, फांसी पर लटकाया और जिंदा जलाया!
भयानक! भीड़ ने ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाते हुए हिंदू युवक को जलाया, वीडियो वायरल
बांग्लादेश से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आ रही है जो इंसानियत को शर्मसार कर देती है। मैमनसिंह जिले के भालुका इलाके में एक हिंदू युवक को सिर्फ ब्लास्फेमी (धर्म का अपमान) के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से मार डाला। पहले उसे बुरी तरह पीटा गया, कपड़े उतारकर नग्न किया गया, फिर पेड़ या खंभे से लटकाया गया और आखिर में लाश को आग लगा दी गई। ये घटना इतनी भयानक है कि सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
क्या हुआ था और कौन था वो युवक?
भीड़ द्वारा हत्या और हिंसा 30 वर्षीय दीपू चंद्र दास की भालुका में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन पर ईशनिंदा का आरोप लगा था। भीड़ ने उनके शव को पेड़ से बांधकर जला दिया। इस मामले में अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।
राजनीतिक अस्थिरता का कारण यह हिंसा छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की है। हादी की 18 दिसंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद ढाका समेत कई शहरों में अराजकता फैल गई।
बढ़ता तनाव और हमले गुस्साई भीड़ ने प्रमुख समाचार पत्रों और अवामी लीग के दफ्तरों में आग लगा दी। कई जगहों पर भारत विरोधी प्रदर्शन और दूतावासों पर पथराव की खबरें भी सामने आई हैं।
अंतरिम सरकार का रुख क्या है?
मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने इस लिंचिंग की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा, “नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया, झंडे आधे झुके रहेंगे और प्रार्थना सभाएं होंगी। यूनुस ने हादी की मौत को चुनाव से पहले साजिश बताया और शांति की अपील की। पुलिस ने हादी के हत्यारों की तलाश तेज की और दो संदिग्धों की फोटो जारी कर 50 लाख टका का इनाम रखा है।
बांग्लादेश कहां जा रहा है?
यह स्थितियाँ बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती हैं। वहां अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर लगातार हमले चिंताजनक हैं। चुनाव से पहले ऐसी हिंसा माहौल को और बिगाड़ रही है। हालांकि सरकार शांति की अपील कर रही है, लेकिन दोषियों को कड़ी सजा मिलना जरूरी है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही हालात पर काबू पाएगा।
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