मुंबई-राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विक्रम भट्ट को हिरासत में लिया गया
नई दिल्ली: फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को राजस्थान पुलिस ने 30 करोड़ रुपए की फिल्म निवेश धोखाधड़ी के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार किया। पुलिस अब उन्हें उदयपुर ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड के लिए अप्लाई करेगी।
सात दिन पहले डॉ. अजय मुर्डिया, इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक, ने 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और छह अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि भट्ट और उनकी टीम ने पैसे लिए, लेकिन वायदे अनुसार फिल्में और डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स तैयार नहीं किए।
इस मामले में दो अन्य आरोपी—भट्ट के को-प्रोड्यूसर और एक वेंडर—को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। जांच में यह सामने आया है कि भट्ट और उनके सहयोगियों ने पहले भी कई निवेशकों से फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे लिए, लेकिन प्रोजेक्ट शुरू नहीं किए।
FIR में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 318 (4), 316 (2), 336 (3), 340 (2), और 61 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। धोखाधड़ी सहित अन्य संगीन धाराओं में 7 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
डॉ. मुर्डिया अपनी दिवंगत पत्नी पर बायोपिक बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने दिनेश कटारिया से संपर्क किया और 25 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो पहुंचे। वहां विक्रम भट्ट ने दावा किया कि वह फिल्म निर्माण का पूरा काम संभालेंगे, और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और पुत्री भी इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। श्वेतांबरी भट्ट के नाम से VSB LLP नामक रजिस्टर्ड फर्म बनाई गई थी।
राजस्थान पुलिस की टीम अब भट्ट और अन्य आरोपियों के वित्तीय और कानूनी दस्तावेज़ों की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि आगे और गिरफ्तारी की संभावना है। डॉ. मुर्डिया ने मांग की है कि आरोपियों को उनके अपराध के लिए सजा दी जाए और फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी संपत्तियां—स्क्रिप्ट, फुटेज, म्यूजिक मास्टर, हार्ड ड्राइव्स और आईपीआर—इंदिरा एंटरटेनमेंट को लौटाई जाएं।
